21 योजनाओं में 0 खर्चा,’0परफॉर्मेंस’वाली भाजपा सरकार से और क्या उम्मीद? :टीकाराम जूली, नेता प्रतिपक्ष
जयपुर । राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक की रिपोर्ट के हवाले से राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। जूली ने कहा कि प्रदेश के करीब 1 करोड़ बच्चों, छात्राओं और महिलाओं के कल्याण के लिए 3 हजार करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था, लेकिन सरकार ने इसमें से शून्य रुपये खर्च किए हैं। सीएजी की रिपोर्ट ने भाजपा सरकार की प्रशासनिक नाकामी और जनविरोधी नीयत की पूरी पोल खोलकर रख दी है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि काली बाई भील स्कूटी योजना, लाडली सुरक्षा योजना, परित्यक्ता महिला पेंशन योजना और प्रदेश के विभिन्न छात्रावासों में सोलर लाइट व पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं में सरकार द्वारा 0 रुपये खर्च किए गए हैं।
गंभीर स्थिति है कि राजस्थान में 1 से 15 साल तक के बच्चों के लिए कुल 37 योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें से 21 योजनाओं में पिछले 2 वर्षों के दौरान एक नया पैसा भी खर्च नहीं किया गया।
टीकाराम जूली ने कड़े शब्दों में कहा कि किसी योजना में बजट का खर्च थोड़ा कम या ज्यादा हो सकता है, लेकिन पूरी तरह ‘शून्य राशि’ खर्च होने का सीधा और साफ मतलब है कि इस सरकार को जनकल्याण और जनता की तकलीफों से कोई लेना-देना नहीं है। जनता के अधिकारों के पैसे को दबाकर बैठ जाना और योजनाओं को ठप कर देना सबसे बड़ी कामचोरी है, इससे बड़ी कामचोरी और क्या हो सकती है?
उन्होंने कहा कि सीएजी रिपोर्ट पर विपक्ष के तीखे सवालों के डर से ही भाजपा सरकार विधानसभा से भाग खड़ी हुई। राजस्थान का यह बड़ा दुर्भाग्य है कि प्रदेश की सत्ता में आज ‘पर्ची से बनी’ एक ऐसी निकम्मी और अकर्मण्य सरकार बैठी है, जिसे न तो महिलाओं की चिंता है और न ही बच्चों के भविष्य की।










